Paper Title
मुगलकालीन चित्रकला में सामाजिक जीवन का चित्रण एक विश्लेषणात्मक अध्ययनAbstract
मुगलकालीन चित्रकला भारतीय कला इतिहास की एक महत्वपूर्ण धरोहर है, जिसमें तत्कालीन समाज, संस्कृति, राजनीति तथा जनजीवन का सजीव एवं यथार्थपरक चित्रण देखने को मिलता है। प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य मुगलकालीन चित्रकला में सामाजिक जीवन के विविध आयामों का विश्लेषण करना है। मुगल चित्रकारों ने केवल राजदरबार, युद्ध और शाही गतिविधियों को ही नहीं, बल्कि आम जनता के दैनिक जीवन, उत्सवों, धार्मिक अनुष्ठानों, व्यापारिक गतिविधियों, संगीत, नृत्य तथा सामाजिक संबंधों को भी अपने चित्रों में स्थान दिया। अकबर, जहाँगीर और शाहजहाँ के शासनकाल में विकसित चित्रकला शैली में तत्कालीन सामाजिक संरचना, वर्ग विभाजन, वेशभूषा, रीति–रिवाज तथा सांस्कृतिक समन्वय का स्पष्ट प्रतिबिंब दिखाई देता है।
इस अध्ययन में विभिन्न मुगल लघुचित्रों का विश्लेषणात्मक एवं ऐतिहासिक दृष्टिकोण से परीक्षण किया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मुगल चित्रकला केवल सौंदर्यबोध का माध्यम नहीं थी, बल्कि वह समाज के यथार्थ स्वरूप को अभिव्यक्त करने वाला एक महत्वपूर्ण दृश्य दस्तावेज भी थी। अध्ययन से यह निष्कर्ष निकलता है कि मुगलकालीन चित्रकला सामाजिक इतिहास के पुनर्निर्माण में एक महत्वपूर्ण स्रोत के रूप में कार्य करती है तथा उस युग के सामाजिक जीवन, सांस्कृतिक विविधता और मानवीय गतिविधियों को समझने में विशेष योगदान प्रदान करती है।
KEYWORDS : मुगलकालीन चित्रकला, सामाजिक जीवन, लघुचित्र, मुगल संस्कृति, दरबारी जीवन, जनजीवन, वेशभूषा, सांस्कृतिक समन्वय, भारतीय कला इतिहास, सामाजिक इतिहास।